क्षत्रिय नागवंशी कोलिय कुल के बारे में
क्षत्रिय नागवंशी कोलिय कुल एक विशुद्ध क्षत्रिय कुल है। वर्तमान में शाक्यो को भी कोलिय क्षत्रिय के नाम से सम्बोधित किया जाता हैं। क्षत्रिय कोलिय सम्पूर्ण भारत में निवास करते हैं। भारत मैं अन्य क्षत्रियो की तुलना में क्षत्रिय कोलियो की जनसंख्या अधिक है।
अगर आप भगवान गौतम बुद्ध को जानते हैं तो आप मेरे कुल/वंश को भी भली भांति पहचानते हैं। गौतम बुद्ध की माताजी नागवंशी क्षत्रिय कोलिय राजकुमारी थी। सिंह शब्द का उच्चारण सर्वप्रथम "शाक्य सिंह" सिद्धार्थ गौतम के लिए किया गया।
सूर्यवंशी क्षत्रियो की शाखा नागवंशी क्षत्रिय है और ओर नागवंशी क्षत्रियो की शाखा कोलिय कुल है। कोलिय क्षत्रियो को आप नागवंशी क्षत्रिय भी कह सकते हैं, ऐसा माना जाता है कि सूर्य की तीसरी पत्नी क्रोधवशा से नाग वंश की उत्पत्ति हुई। क्षत्रिय कोलिय के प्रमाण त्रेता युग के महाप्रतापी राजा मांधाता से मिलते हैं। मोहनजोदारो के शिलालेखों पर स्पष्ट रूप से "मान्धाता कोलिय" लिखा हुआ है। काशी महादेव की भूमि है और काशी पर नागवंशी क्षत्रियों का ही राज्य रहा है।
कोलिय कुल की उत्तपत्ति काशी के नागवंशी क्षत्रिय राजा राम ओर सूर्यवँशी शाक्य राजकुमारी पिया से हुई।
जिनका शपष्ट, विस्तृत ओर प्रमाणिक इतिहास धर्म ग्रंथों, वेद, पुराण, दुर्गा सप्तशती, बोद्ध, जैन, हिन्दू धर्म एवम पाली, पारसी, हिंदी, सिंहली, नेपाली, चीनी ओर संस्कृत भाषा में लिखे साहित्यों/ग्रन्थों मै मिलता है। भारत, पाकिस्तान, नेपाल, चीन ओर श्रीलका के साहित्यों ओर धर्म ग्रन्थो मै क्षत्रिय कोलियो के शपष्ट प्रमाण मिलता है। जँहा तक विश्व में तथागत बुद्ध को मानने जानने वाले हैं, वँहा क्षत्रिय कोलियों का इतिहास और पदचिन्ह मिलते हैं। कोलिय क्षत्रियों का इतना विस्तृत ओर विशाल इतिहास है।
जैन धर्म के तेइसवें तीर्थकर भगवान पार्श्वनाथ ने काशी के महाप्रतापी राजा अश्वसेन के पुत्ररूप मैं जन्म लिया था जो एक नागवंशी कोलिय क्षत्रिय थे।
चोल/चोला साम्राज्य मैं अर्ली चोलाज क्षत्रिय कोलिय कुल के थे। जिनमे करिकला चोलाज महाप्रतापी राजा थे।
आंध्र के मुधिराजा भी क्षत्रिय कोलिय कुल के थे।
कुनिन्दा/कुलिंडा साम्राज्य के कोलियवंशी महाराजा पेरुम विडुगू क्षत्रीय दक्षिण भारत के महान शासकों मैं गिने जाते हैं।
मानिपल्लव के नागवंशी राजा पिल्लई वलाय की पुत्री ओर चोला साम्राज्य के राजा सिंहविष्णु के द्वारा पल्लव साम्राज्य की स्थापना की गई।
मराठा साम्राज्य में क्षत्रिय कोलिय मुख्य भूमिका में थे, शिवाजी महाराज के सरसेनापति, सेनापति ओर कई मराठा सेनापति ओर सरदार कोलिय थे, मराठा सेना में 40% लगभग क्षत्रिय कोलिय थे। इनमे से एक तानाजी मालुसरे पर अजय देवगन के द्वारा एक फ़िल्म का निर्माण भी किया जा रहा है। शिवाजी महाराज तानाजी को शेर कहकर संबोधित करते थे।
मौर्य साम्राज्य क्षत्रिय कोलिय शाक्यो की एक शाखा थी।
खसो के आगमन से पूर्व समस्त हिमालय क्षेत्र पर नागवंशी क्षत्रियो का एकक्षत्र राज्य था।
सतयुग से लेकर 1947 ब्रिटिश काल तक नागवंशी कोलिय क्षत्रियो के शपष्ट प्रमाण मिलते हैं। 1947 तक भी 52 रियासतें क्षत्रिय कोलियो की रही है जिनका विलय अन्य रियासतों की तरह अखंड भारत में हुआ। इसके शपष्ट प्रमाण अंग्रेजों के अभिलेखों ओर गेजेट्रीयर में मिलता है। जिसमे शपष्ट रूप से कोलिय/कोली लिखा है। क्षत्रिय नागवंशी कोलियों की यदि सभी शाखाओ को एक कर दिया जाये जो वर्तमान में अन्य नामो से जाने जाते है, तो दो तिहाई भारत पर 1947 तक भी नागवंशी क्षत्रियो का शासन रहा है। बैस राजपुत भी नागवंशी क्षत्रियों की एक शाखा है। इस तरह समस्त भारत खंड पर क्षत्रिय कोलियो के पदचिन्ह मिलते हैं।
आज़ादी से पहले गोरे अंग्रेजों की फुट डालो राज करो कि नीति ओर आज़ादी के बाद काले अंग्रेजों की आरक्षण ओर वोटबैंक की राजनीति के द्वारा पिछले लगभग डेढ़ सौ वर्षों से क्षत्रिय कोलियो को डीग्रेड करने की साज़िश की जा रही है। आज़ादी से पहले कई क्षत्रिय कोलिय संस्थायें कार्यरत थी,
वर्तमान में भी कई क्षत्रिय कोलिय संस्थायें कार्यरत हैं जैसे "गढ़वाल राजपुत सभा उत्तराखंड" "क्षत्रियसंघ सुंदरनगर हिमाचल प्रदेश" "तानाजी कोली सेना गुजरात" "गुजरात क्षत्रिय ठाकोर सेना" "श्री कोली राजपूत हितकारिणी सभा अजमेर" शाक्य क्षत्रियों की कई संस्थाये ओर मान्धाता के नाम से कई संस्थाये गुजरात मैं कार्यरत हैं।
भारत के क्षत्रिय कोलिय अपने मान सम्मान और प्रतिष्ठा के लिए कई दशकों से संघर्ष कर रहे हैं। इसके सम्बन्धित मामला कई वर्षों से माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखंड और हिमाचल में विचाराधीन है। इसमें आप सभी क्षत्रिय संगठनों और समस्त क्षत्रिय समाज से सहयोग की अपेक्षा है।
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