"महावर" सूर्यवंशी क्षत्रिय कोलिय राजपूत
सूर्यवंशी क्षत्रियो का गौरवशाली इतिहास "महावर" सूर्यवंशी क्षत्रिय कोलिय राजपूत है इसे माहौर माहुर के नाम से भी जाना जाता है। महावर क्षत्रियों ने महाराजा मावर देव से उनका नाम लिया। महाराजा मावर देव क्षत्रिय कोलिय राजपूतो के राजा थे। महावर संस्कृत भाषा का शब्द है। इसका मतलब "द ग्रेट मैन" महान व्यक्ति हे!
महावर क्षत्रिय हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, और राजस्थान में रहते हैं। इतिहासकारों के अनुसार, राजस्थान के महावर क्षत्रिय महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज चौहान की सेना में योद्धा थे।
(महावर टाइटल तीन जातियों में पाए जाते हैं)
(१) महावर बनिया - मारवाड़ क्षेत्र से महावर बनिया अपना नाम रखते हैं। वे मारवाड़ी बनिया हैं। वे स्वयं को महावर वैश्य कहते हैं।
(२) महावर सुनार - महावर सुनार स्वयं को महावर स्वर्णकार कहते हैं।
(३) महावर क्षत्रिय राजपूत - महावर स्वयं को महावर क्षत्रिय कहते हैं। वे महाराजा मावर देव के वंशज हैं। मावर देव से महावर शब्द लिया।
(महावर क्षत्रियों की महान व्यक्तित्व) विरांगना झलकारी बाई माहौर क्षत्रिय कोलिय कुल उत्तर प्रदेश से थीं। वह झांसी राज्य की महिला सेना की कमांडर थीं। वह रानी लक्ष्मी बाई और लक्ष्मी बाई की सलाहकार एवं हमशक्ल थीं। झलकारी बाई 1857 की भारतीय क्रांति की सबसे प्रसिद्ध क्रांतिकारी थीं। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उसने रानी लक्ष्मी बाई के जीवन को बचाया।
महाराजा मावर देव - राजा मावर देव महावर (माहौर) क्षत्रियों के पूर्वज के रूप में जाने जाते हैं।
संत सिरोमणी कनुआ बाबा - कनुआ उत्तर प्रदेश के माहौर क्षत्रिय कोली वंश के थे। उत्तर प्रदेश के मथुरा में पौत्र कुंड में उनका सबसे बड़ा मेला (महोत्सव) लगता है। इस महोत्सव में हरियाणा,, राजस्थान और दिल्ली के लोग मिलकर मनाते हैं। यह महोत्सव कन्नुआ बावा समिति द्वारा किया जाता है।
सूर्यवंशी क्षत्रिय कोलिय राजपूतो के महाराज मावरदेव वरदेव के वंश इस प्रकार नाम से जाने जाते हे
महावर, माहौर, माहौरकर , माहुर ,
जय माँ भवानी
जय माँ करणी
जय क्षत्रिय कोलिय राजपूत समाज
जय राजपूताना
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