प्राचीन काल का कोलिय गणराज्य वर्तमान समय का कोली क्षत्रिय समाज है।

सुर्यवंशी क्षत्रिय कोलिय राजवंश/गणराज्य 
राजपूत कोई जाति नही बल्कि एक पदवी है
(इस राजपूतो मे खंगार-अर्क राजपूत, रोहिल्ला राजपूत, सिख राजपूत,  रवानी राजपूत, रावणा राजपूत, उसी तरह कोलिय/कोली  राजपूत  और बहुत सारे राजपूत आते  है वो राजपूत ही लिखते है )
 जो की एक राजा के पुत्र होने का आभास कराती है और आपको चिन्हित करती है की इस व्यक्ति या जाति के लोग कभी राजा रहे थे या वर्त्तमान में भी है  और रही बात शादी की तो भाइयो राजपूतो में भी सभी राजपूत आपस में शादी नही करते.......कुछ रातपुतो ने अपने गोत्र बाँट रखे हे उनके अलावा वो और किसी से शादी नही करते..........बाकि राजपूत को अपने खून पर हमेशा गर्व रहा हे और होना चाहिए ......
 जैसे हमारे प्राचीन काल के  दोनों कुल क्षत्रिय शाक्य व  क्षत्रिय कोलिय राजवंश ने  अपने शाही खून की शुद्धता पर बहुत गर्व था और उन्होंने प्राचीन काल से अंतर-विवाह की इस परंपरा का पालन किया था। उदाहरण के लिए, सुद्धोधन की धर्मपत्नी का विवाह कोलियान शासक अंजना से हुआ था। 
सबसे पुराने क्षत्रिय  राजवंश मे शाक्य, मौर्य, कोलिय, लिच्छवी, जनत्री, वाज्जी, मल्ल, जनक, विदेही, इन्ही प्राचीन क्षत्रिय गणराज्य मे से कोलिय गणराज्य/राजवंश आज के कोली क्षत्रिय राजपूत समाज है ।

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